काम के बोझ से कर्मचारी ने की आत्महत्या,तो इसका जिम्मेदार नहीं होगा ऑफिस:सुप्रीम कोर्ट

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर कोई कर्मचारी वर्कलोड की वजह से आत्महत्या करता है तो, आत्महत्या के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

महत्वपूर्ण कार्यस्थल के नियमों के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि अगर कर्मचारी कार्यालय में भारी वर्कलोड के कारण उदास हो जाता है और आत्महत्या करने की कोशिश करता है तो इसके लिए वरिष्ठ कर्मचारी जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी को किसी कर्मचारी को काम सौंपना, आपराधिक झुकाव के रूप में नहीं माना जा सकता है, यह किसी कर्मचारी को परेशान करने या उसे अपने जीवन को समाप्त करने के लिए मजबूर नहीं करता है। कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के औरंगाबाद बेंच के वरिष्ठ अधिकारियों को दोषी ठहराए जाने वाले तर्क को खारिज कर दिया है।

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