प्राइवेट इलेक्ट्रिक कार खरीददारों के लिए झटका, सब्सिडी खत्म करने की तैयारी में मोदी सरकार

New Delhi: कुछ महीनों पहले स्वच्छ ईंधन प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार वर्तमान में इलेक्ट्रिक कारों पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने की योजना बना रही है।

एक्सपर्ट की मानें तो सरकार का यह कदम इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री को और कम कर देगा। वहीं नीति निर्माताओं ने इस कदम को उचित ठहराते हुए कहा है कि सरकार ने अब ओला-ऊबर जैसी कैब ऑपरेटर्स को इलेक्ट्रिक वीकल पर सब्सिडी देने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकार का मानना है कि ओला और ऊबर के वाहन प्राइवेट कारों से ज्यादा चलेंगे।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सरकार निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए नकद प्रोत्साहन वापस लेना चाहती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे न तो इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की सेल्स प्रमोट हो रही है और न ही स्वच्छ वातावरण का उद्देश्य पूरा हो रहा है।

अभी सरकार अपने क्लीन एनर्जी प्रोग्राम, FAME के तहत इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर 1.3 लाख रुपये का डिस्काउंट ऑफर कर रही है। भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की जाने वाली FAME की फेज 2 ड्राफ्ट पॉलिसी में इसे खत्म किए जानें का प्रस्ताव है।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार इलेक्ट्रिक बसों और दुपहिया वाहनों पर इंसेंटिव्स देना जारी रखेगी। हालांकि, बसों पर छूट को कम किया जा सकता है। अभी बस की कुल कीमत का 60 पर्सेंट पैसा इंसेंटिव के तहत आता है। इसे घटाकर 40 पर्सेंट किया जा सकता है।

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