40 दिन की तलाश के बाद जर्मनी में मिला था करुणानिधि का काला चश्मा, जिसे 50 सालों से पहन रहे थे

New Delhi: करुणानिधि…एक ऐसी शख्सियत जिनका नाम सुनकर तस्वीर जहन में बन जाती है…वही सफेद कपड़े, काला चश्मा, पीला शॉल ओढ़े हुए करुणानिधि।

तमिलनाडू के पूर्व सीएम करुणानिधि अब इस दुनिया में नहीं है। 94 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया से अलविदा ले लिया। आपने अक्सर करुणानिधि को काले चश्में में देखा होगा, क्या आपको पता है, इनके चश्में को 40 दिन तक खोजा गया था, तब जाकर ये जर्मनी में मिला था। जिसे वह 50 सालों से पहन रहे थे।

1960 के दशक में ही इन्होंने काला चश्मा पहनना शुरू किया था, और जबसे पहनना शुरू तक तब से उतारा ही नहीं। ये हर जगह इसी चश्में में नजर आते थे। इस चश्में को उन्होंने एक दुर्घटना के बाद पहनना शुरू किया था। एक हादसे में उनकी बायीं आंखी बुरी तरह जख्मी हो गई थी। इसके बाद से ही काला चश्मा उनका स्टाइल बन गया।

करुणानिधि हमेशा सफेद कपड़े और पीला शॉल पहनते थे। हर रोज अपनी दाढ़ी बनाते थे। एक बार उन्हें डॉक्टर ने चश्में का फ्रेम बदलने की सलाह दी। इस एक सलाह से मानों पूरे देश में तलाशी अभियान शुरू हो गया। उनसे लिए सूटेबल फ्रेम की तलाश की गई। फ्रेम की तलाश 40 दिन तक की गई।

जो फ्रेम करुणानिधि को आरामदायक लगा, उसे जर्मनी से मंगाया गया था। जर्मनी से इस चश्मे को चेन्नई बेस्ड विजया ऑप्टीकल ने इम्पोर्ट कराया था। ये फ्रेम वजन में बेहद हल्का था। डॉक्टर की सलाह के बाद पिछले करीब 46 साल के बाद करुणानिधि ने चश्में का फ्रेम बदला था। करुणानिधि पिछले एक साल से काफी बीमार थे। वे बाहर नहीं जाते थे, इसलिए उन्हें चश्मे की जरूरत कम ही पड़ती थी। इसी कारण वे आसानी से इसे बदलने के लिए राजी भी हो गए थे। राजनीति के दो दिग्गज करुणानिधि और एमजीआर ने दक्ष‍िण में डार्क सन ग्लासेस को फैशन में ला दिया है।

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