बीएमसी कमिश्नर निधि चौधरी से जानें क्यों बैन किया गया प्लास्टिक, क्या हुआ बैन,और क्या नही?

New delhi: 23 जून, 2018 को, महाराष्ट्र में प्लास्टिक पर बैन लग चुका है। लेकिन अभी लोगों के बीच ये भ्रम बना हुआ है कि किन प्लास्टिक की बनी चीजों पर बैन लगा है और किन पर नहीं। इस बात को समझाने के लिए मुंबई की बीएमसी कमिश्नर निधि चौधरी ने लोगों के बीच जानें का मन बनाया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दुनिया भर के लगभग 60 देशों और भारत में 20 राज्यों ने प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बीएमसी कमिश्नर निधि चौधरी बताती हैं कि “दुनिया भर में नीति निर्माताओं को ये पहचानना और जानना है कि कैसे प्लास्टिक के यूज को कम किया जा सकता है। ये प्लास्टिक हमारे लिए खतरा पैदा कर रही है। निधि आगे बताती हैं कि मुंबई के लिए, जो एक तटीय शहर है, यह प्लास्टिक कचरा समुद्री जीवों को खतरे डाल रहा है। हमारे प्राचीन समुद्र तटों को बर्बाद कर रहा है, हमारी नालियों को चोक और हमारी नदियों को मार रहा है। मुझे लगता है कि एक शहरव्यापी प्रतिबंध की जरुरत है। न केवल महाराष्ट्र, बल्कि अन्य भारतीय राज्यों को भी इसका पालन करना चाहिए। और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि कैसे प्लास्टिक के निर्माण को रोक दिया जाना चाहिए।

क्या बैन हुआ क्या नहीं

1. सभी प्रकार के प्लास्टिक बैग और गैर बुने हुए पॉली प्रोपाइलीन बैग प्रतिबंधित हैं।

2.डिस्पोजेबल प्लास्टिक जैसे चम्मच, कांटे, कप, प्लेट्स, चश्मा, कटोरे, कंटेनर, स्ट्रॉ आदि बैन है जे उपयोगकर्ताओं द्वारा, पैकेजिंग या निर्माताओं के लिए दुकानदार रेस्तरां में भी बैन हैं।

3.डिस्पोजेबल थर्मोकॉल कटलरी के साथ-साथ किसी अन्य थर्मोकॉल सजावटी वस्तुओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

4.गैर बुने हुए पॉलीप्रोपाइलीन बैग जो कपड़े की तरह दिखते हैं, लेकिन प्लास्टिक के बने होते है

5.कंपोस्टेबल बैग केवल पौधे नर्सरी, कृषि, बागवानी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ही अनुमति दी जाती है।

निधि बताती हैं कि पीईटी बोतल कचरे से निपटने की योजना बना रही है। 200 मिलियन से कम की क्षमता रखने वाली पीईटी बोतलों को सुनिश्चित करने के लिए 30 जून को सरकारी अधिसूचना कैसे जारी की गई थी। इसका मतलब है कि सम्मेलनों, बैठकों, पार्टियों इत्यादि के दौरान सेवा की जाने वाली अधिकांश मिनी-बोतलों को इस सूची में रखा गया है। इसमें स्टोर में मिलने वाले मिनी-वॉटर पाउच भी शामिल हैं। सरकार इन बोलतों को रिसाइकिल करने के लिए बड़े कदम उठा रही है।

इसके लिए मुंबई में सरकार ने ब्लू स्कॉड भी तैयार की है जो आपको मुंबई की सड़कों पर घूमती मिल जाएगी। इनका काम है प्लास्टिक की चीजों का इस्तेमाल करने वालों लोगों या दुकानदारों का चालान काटना। इन निरीक्षकों में से प्रत्येक के पास प्राधिकरण पत्र के साथ कार्रवाई करने और पहचान पत्र होगा। ये नीली टीम दैनिक सफाई मार्शल के रुप में काम करेगी। बता दें कि ये ग्रेटर मुंबई के नगर निगम के कर्मचारी हैं। किसी भी समय, किसी भी सार्वजनिक जगह पर जाकर ये छानबीन कर सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *